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नर्मदा नदी के मध्य स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
🔱भगवान शिव का पवित्र ज्योतिर्लिंग

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग – दर्शन, ममलेश्वर और संपूर्ण यात्रा गाइड

नर्मदा नदी के मध्य ॐ आकार के द्वीप पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, ममलेश्वर मंदिर, परिक्रमा और यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी।

⚠️
जरूरी सूचना: दर्शन समय, पूजा शुल्क, प्रवेश व्यवस्था और ऑनलाइन सेवाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। यात्रा या भुगतान से पहले आधिकारिक मंदिर वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महत्व

ओंकारेश्वर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और परंपरागत रूप से चौथा ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।

मांधाता पर्वत और नर्मदा नदी से घिरा यह क्षेत्र ऊपर से ॐ के आकार जैसा दिखाई देने के कारण ओंकारेश्वर कहलाता है। मंदिर का धार्मिक वातावरण, नदी के घाट और द्वीप का प्राकृतिक दृश्य श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है।

ओंकारेश्वर के दक्षिणी तट पर स्थित ममलेश्वर मंदिर का भी विशेष महत्व है। जिला खंडवा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ओंकारेश्वर और ममलेश्वर दोनों शिवलिंगों को एक ही ज्योतिर्लिंग परंपरा का भाग माना जाता है।

मुख्य मंदिरश्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
दूसरा प्रमुख मंदिरश्री ममलेश्वर / अमरेश्वर
प्रमुख नदीमां नर्मदा
द्वीपमांधाता / ओंकार पर्वत
प्रमुख परंपराओंकार पर्वत परिक्रमा
परिक्रमा दूरीलगभग 7 किमी

दर्शन और पूजा व्यवस्था

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सामान्य दर्शन

दैनिक दर्शन के लिए सामान्य प्रवेश उपलब्ध रहता है। भीड़ वाले दिनों में कतार लंबी हो सकती है।

शीघ्र दर्शन

मंदिर ट्रस्ट का आधिकारिक पोर्टल शीघ्र दर्शन सेवा प्रदान करता है। वर्तमान शुल्क और उपलब्धता वेबसाइट पर जांचें।

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अभिषेक पूजा

अभिषेक, पार्थेश्वर, महामृत्युंजय और अन्य पूजाएं आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार बुक की जा सकती हैं।

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महाप्रसाद

मंदिर ट्रस्ट आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से महाप्रसाद और कुछ अन्य सेवाएं उपलब्ध कराता है।

दर्शन का उपयुक्त समय

सुबह जल्दी

सूर्योदय से पहले या बाद

कम भीड़ और शांत दर्शन के लिए अच्छा समय।

दोपहर

मंदिर व्यवस्था के अनुसार

कुछ पूजा या श्रृंगार के समय प्रवेश व्यवस्था बदल सकती है।

शाम

आरती से पहले

नर्मदा घाट और मंदिर का सुंदर दृश्य देखने के लिए उपयुक्त।

त्योहार और सोमवार

अधिक भीड़

महाशिवरात्रि, श्रावण और सोमवार को अतिरिक्त समय लेकर जाएं।

* सटीक दैनिक टाइम टेबल और आरती समय के लिए आधिकारिक मंदिर वेबसाइट का Time Table पेज देखें।

ममलेश्वर मंदिर क्यों जरूरी है

ममलेश्वर मंदिर नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है और इसका प्राचीन नाम अमरेश्वर बताया जाता है। ओंकारेश्वर यात्रा में दोनों मंदिरों के दर्शन की परंपरा प्रचलित है।

मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालु ओंकारेश्वर के साथ ममलेश्वर दर्शन को भी अपनी यात्रा में शामिल करते हैं।

ओंकार पर्वत परिक्रमा

ओंकार पर्वत की परिक्रमा लगभग 7 किलोमीटर मानी जाती है। मार्ग में कई छोटे-बड़े मंदिर, प्राचीन अवशेष और नर्मदा के सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं।

1

सुबह जल्दी परिक्रमा शुरू करें।

2

आरामदायक जूते और पानी साथ रखें।

3

गर्मी और बरसात में मौसम का ध्यान रखें।

4

बच्चों और बुजुर्गों के लिए पूरा मार्ग कठिन हो सकता है।

5

स्थानीय निर्देश और सुरक्षित मार्ग का पालन करें।

6

अंधेरा होने से पहले परिक्रमा पूरी करें।

ओंकारेश्वर कैसे पहुंचें

✈️ हवाई मार्ग

निकटतम प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर है। इंदौर से टैक्सी, बस या निजी वाहन द्वारा ओंकारेश्वर पहुंचा जा सकता है।

🚆 रेल मार्ग

निकटतम उपयोगी रेलवे स्टेशन मार्ग और ट्रेन के अनुसार बदल सकता है। इंदौर, खंडवा या बड़वाह से सड़क यात्रा की योजना बनाएं।

🚌 सड़क मार्ग

इंदौर से ओंकारेश्वर लगभग 77–86 किमी के बीच बताया जाता है। सड़क और यातायात के अनुसार लगभग 2–3 घंटे लग सकते हैं।

ठहरने और भोजन की जानकारी

🏨

होटल और गेस्ट हाउस

मंदिर क्षेत्र और आसपास विभिन्न बजट के होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं।

🏠

भक्त निवास

धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्ट से जुड़े भक्त निवास विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। पहले फोन पर पुष्टि करें।

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प्रसादालय

आधिकारिक मंदिर ट्रस्ट प्रसादालय और महाप्रसाद से जुड़ी सेवाएं प्रदान करता है।

🚗

पार्किंग

भीड़ के दिनों में निर्धारित पार्किंग और स्थानीय परिवहन का उपयोग करें।

यात्रा के लिए जरूरी सुझाव

1

ऑनलाइन सेवा के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें।

2

नर्मदा घाट पर फिसलन और पानी के बहाव से सावधान रहें।

3

सोमवार, श्रावण और महाशिवरात्रि पर भीड़ अधिक रहती है।

4

परिक्रमा के लिए पानी और हल्का सामान रखें।

5

मंदिर में प्रतिबंधित वस्तुओं की जानकारी पहले जांचें।

6

नाव यात्रा या स्थानीय सेवा लेने से पहले किराया स्पष्ट करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के मांधाता द्वीप पर स्थित है।

ओंकारेश्वर यात्रा में ममलेश्वर मंदिर के दर्शन की परंपरा प्रचलित है। जिला प्रशासन की जानकारी में दोनों शिवलिंगों को समान धार्मिक महत्व दिया गया है।

आधिकारिक मंदिर वेबसाइट ओंकारेश्वर को इंदौर से लगभग 77 किलोमीटर बताती है। मार्ग और प्रारंभिक स्थान के अनुसार दूरी थोड़ी बदल सकती है।

आधिकारिक मंदिर जानकारी के अनुसार परिक्रमा मार्ग लगभग 7 किलोमीटर लंबा है।

आधिकारिक मंदिर पोर्टल पर शीघ्र दर्शन, पूजा, प्रसाद और कुछ अन्य सेवाओं की ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध है।

अक्टूबर से मार्च का मौसम सामान्यतः आरामदायक रहता है। धार्मिक उत्सवों में वातावरण विशेष होता है, लेकिन भीड़ भी अधिक रहती है।

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