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महाकाल सवारी उज्जैन
श्रावण-भाद्रपद की दिव्य नगर यात्राअंतिम अपडेट: जुलाई 2026

महाकाल सवारी उज्जैन

राजाधिराज भगवान महाकाल की पालकी यात्रा का पारंपरिक मार्ग, प्रमुख पड़ाव, रामघाट पूजन और श्रद्धालुओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका।

महाकाल मंदिर का नक्शा

यात्रा प्रारंभ

महाकालेश्वर मंदिर

प्रमुख पड़ाव

रामघाट, क्षिप्रा नदी

यात्रा समापन

महाकालेश्वर मंदिर

Live Route Preview

पारंपरिक सवारी मार्ग

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श्री महाकालेश्वर मंदिर

यात्रा प्रारंभ

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महाकाल चौराहा

प्रथम नगर प्रवेश

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गुदरी चौराहा

प्रमुख दर्शन क्षेत्र

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बक्षी बाजार

पारंपरिक बाजार मार्ग

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कहारवाड़ी क्षेत्र

रामघाट की ओर

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रामघाट

क्षिप्रा पूजन और अभिषेक

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रामानुजकोट

वापसी मार्ग

Ram Ghat → Gopal Temple → Patni Bazaar → Mahakal Temple

रूट परिवर्तन सूचना: सवारी का मार्ग, समय, बैरिकेडिंग और प्रवेश व्यवस्था प्रशासन द्वारा भीड़, सुरक्षा, मौसम या निर्माण कार्य के अनुसार बदली जा सकती है। यात्रा वाले दिन official local advisory जरूर देखें।

Procession Route

महाकाल सवारी का पारंपरिक रूट

महाकालेश्वर मंदिर से रामघाट और शहर के प्रमुख धार्मिक बाजारों से होकर वापसी का visual route।

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STOP 01

श्री महाकालेश्वर मंदिर

यात्रा प्रारंभ

🚩
STOP 02

महाकाल चौराहा

प्रथम नगर प्रवेश

🌸
STOP 03

गुदरी चौराहा

प्रमुख दर्शन क्षेत्र

🏮
STOP 04

बक्षी बाजार

पारंपरिक बाजार मार्ग

🥁
STOP 05

कहारवाड़ी क्षेत्र

रामघाट की ओर

🌊
STOP 06Major Stop

रामघाट

क्षिप्रा पूजन और अभिषेक

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STOP 07

रामानुजकोट

वापसी मार्ग

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STOP 08

मोढ़ धर्मशाला क्षेत्र

नगर भ्रमण

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STOP 09

कार्तिक चौक

पारंपरिक धार्मिक क्षेत्र

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STOP 10Major Stop

गोपाल मंदिर

विशेष पूजन पड़ाव

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STOP 11

पटनी बाजार

वापसी नगर मार्ग

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STOP 12

गुदरी बाजार

अंतिम प्रमुख पड़ाव

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STOP 13

श्री महाकालेश्वर मंदिर

सवारी वापसी

सवारी के मुख्य चरण

पालकी प्रस्थान

मंदिर में पूजन के बाद भगवान महाकाल के स्वरूप को पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान कराया जाता है।

नगर दर्शन

पारंपरिक बाजारों और मार्गों पर हजारों श्रद्धालु पालकी के दर्शन और पुष्पवर्षा करते हैं।

रामघाट पूजन

रामघाट पर क्षिप्रा नदी के जल से भगवान के स्वरूप का पूजन और अभिषेक किया जाता है।

गोपाल मंदिर पड़ाव

वापसी मार्ग पर गोपाल मंदिर क्षेत्र में परंपरागत स्वागत और पूजन किया जाता है।

मंदिर वापसी

पटनी बाजार और गुदरी क्षेत्र से होकर सवारी वापस महाकालेश्वर मंदिर पहुँचती है।

श्रद्धालु कहाँ से दर्शन करें?

महाकाल मंदिर क्षेत्र

प्रस्थान दर्शन

पालकी के प्रारंभिक दर्शन के लिए महत्वपूर्ण स्थान, लेकिन अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा प्रतिबंध संभव हैं।

गुदरी चौराहा

नगर मार्ग

पारंपरिक मार्ग का प्रमुख junction जहाँ भक्त बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं।

रामघाट

विशेष पूजन

क्षिप्रा पूजन का प्रमुख स्थान। यहाँ समय से बहुत पहले पहुँचना जरूरी हो सकता है।

गोपाल मंदिर

वापसी पड़ाव

सवारी के वापसी मार्ग पर धार्मिक स्वागत और पूजन देखने का प्रमुख क्षेत्र।

पटनी बाजार

वापसी दर्शन

मंदिर लौटती पालकी के दर्शन के लिए पारंपरिक बाजार क्षेत्र।

संभावित सवारी कार्यक्रम

दोपहर

मंदिर में पूजन और तैयारी

पालकी पूजन, स्वरूप स्थापना और प्रशासनिक व्यवस्था की तैयारी।

लगभग 4 PM

महाकाल मंदिर से प्रस्थान

वास्तविक समय प्रत्येक सवारी और प्रशासनिक घोषणा के अनुसार बदल सकता है।

शाम

रामघाट पूजन

मार्ग की भीड़ और गति के अनुसार रामघाट पहुँचने का समय बदल सकता है।

रात्रि

मंदिर वापसी

गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी से होकर पालकी मंदिर वापस आती है।

भीड़ में सुरक्षित दर्शन कैसे करें

सवारी मार्ग पर निर्धारित barricading के अंदर ही रहें।

बच्चों और बुजुर्गों के हाथ में नाम तथा मोबाइल नंबर रखें।

भीड़ के बीच selfie या video बनाने के लिए अचानक न रुकें।

पुलिस और प्रशासन द्वारा निर्धारित entry तथा exit का पालन करें।

कम सामान रखें और कीमती वस्तुओं का विशेष ध्यान रखें।

रामघाट और नदी क्षेत्र में सुरक्षा सीमा पार न करें।

Emergency स्थिति में भीड़ के विपरीत दिशा में न चलें।

अफवाहों की जगह official announcement पर भरोसा करें।

साथ क्या रखें

पानी की छोटी बोतल
मोबाइल और power bank
हल्का raincoat या छाता
जरूरी दवाइयाँ
पहचान-पत्र
बच्चों के लिए contact card

क्या न करें

सड़क या emergency lane को block न करें।
पालकी को छूने के लिए barricade पार न करें।
अनजान agent को paid viewing pass के लिए payment न करें।
रामघाट पर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें।
वाहन को सवारी मार्ग के पास अनधिकृत रूप से park न करें।
छोटे बच्चों को भीड़ में अकेला न छोड़ें।

महाकाल सवारी से जुड़े प्रश्न

1. महाकाल सवारी कब निकलती है?

महाकाल सवारी सामान्यतः श्रावण और भाद्रपद के सोमवारों को निकलती है। अंतिम प्रमुख सवारी को राजसी या शाही सवारी कहा जाता है। वर्तमान तारीख official announcement से जांचें।

2. महाकाल सवारी कहाँ से शुरू होती है?

सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर पारंपरिक नगर मार्ग से रामघाट जाती है और फिर वापस मंदिर लौटती है।

3. रामघाट पर क्या होता है?

रामघाट पर भगवान महाकाल के पालकी स्वरूप का क्षिप्रा जल से धार्मिक पूजन और अभिषेक किया जाता है।

4. सवारी का पूरा रूट कितनी देर में पूरा होता है?

समय भीड़, सुरक्षा व्यवस्था, पूजन और सवारी की गति पर निर्भर करता है। यात्रा दोपहर या शाम से शुरू होकर रात तक चल सकती है।

5. सवारी देखने का सबसे अच्छा स्थान कौन सा है?

महाकाल मंदिर क्षेत्र, गुदरी चौराहा, रामघाट, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार प्रमुख स्थान हैं। कम भीड़ वाला स्थान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार चुनें।

6. क्या हर वर्ष सवारी का मार्ग समान रहता है?

पारंपरिक मुख्य मार्ग सामान्यतः समान रहता है, लेकिन निर्माण, भीड़ और सुरक्षा के कारण प्रशासन बदलाव कर सकता है।

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